दावणगेरे, कर्नाटक बेकरी और मिठाई की दुकान चलाने वाला एक व्यक्ति बैंक में जाता है कहता है कि साहब मुझे लोन की जरूरत है यदि 15 लख रुपए मिल जाए तो मैं अपने कारोबार को और बड़ा कर दूंगा बेकरी का और मिठाई का कारोबार को वह बड़ा करने के लिए ही जाता है बैंक वाले कहते हैं कि कोई दिक्कत परेशानी नहीं है आप बैंक में अप्लाई कर दीजिए हम आपके कागज देखेंगे अगर ठीक रहे तो हम आपको लोन दे देंगे
दरअसल बैंक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि आपकी सिविल खराब है आपको हम लोन नहीं दे सकते सिविल मतलब की बैंक को ये भरोसा नहीं था कि वह उसके पैसे समय पर चुकता कर देगा इसलिए उससे मना कर देते हैं वह व्यापारी वह दुकानदार वह बार-बार रोता है गिड़गिड़ाता है और बैंक के हर एक कर्मचारी से कहता है कि साहब आप जाकर मेरे यहां पर देख लीजिए कि मेरी सिविल कैसी है सारे लोग मेरी तारीफ करेंगे बैंक वाले कहते हैं कि पब्लिक के रिस्पांस से कोई फर्क नहीं पड़ता फर्क पड़ता है कि हमारे जो डाक्यूमेंट्स है उसमें आपकी क्या स्थिति है
बैंक वाले जैसे मन कर देते हैं वह रोने लगता है कहता है कि साहब मुझे 15 लख रुपए दे दीजिए मैं अपने कारोबार को बढ़ाना चाहता हूं लेकिन बैंक के कानों पर जूँ नहीं रेंगी और वह व्यक्ति मायूस होकर वहां से चला जाता है जाता है कई महीने तक परेशान रहता है उसके दिमाग में आता है कि क्यू ना इस बैंक को लूट लिया जाए…पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें