कोलकाता, वेस्ट बंगाल कोलकाता हाई कोर्ट में एक मां और बाप अपनी बेटी की हत्या और रेप के लिए एक याचिका दायर करते हैं बताते हैं कि साहब पहले हमारे पास फोन पहुंचता है और कहते हैं कि तुम्हारी बेटी की तबीयत खराब है यानी कि वह बीमार है मां-बाप रोने लगते हैं परेशान हो जाते हैं और घर में कुछ ऐसी आशंका जाहिर सी होने लगी थी जैसे की कोई बहुत बड़ी अप्रिय घटना हो गई हो
वह बार-बार यह जानने की कोशिश कर रहे थे तब बताया जाता है कि तुम्हारी बेटी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिरकार करें तो क्या करें इसके बाद मां और बाप सीधा हॉस्पिटल पहुंच जाते हैं वहां जाने के बाद कहते हैं कि हम अपनी बेटी से मिलने के लिए आए हैं आखिरकार क्या मामला है क्या माजरा है तब जो डॉक्टर लोग वहां मौजूद होते हैं वह उन्हें कहते हैं कि तुम थोड़ा आराम करो बैठो पानी पियो फिर उसके बाद में बात करते हैं
इसी तरह से इंतजार करते-करते 3 घंटे का समय बीत जाता है लेकिन मां और बाप की कोई सुधि नहीं ले रहा था जो भी आता था बस आना-जाना और एक दूसरे से कानों में खुसुर-पुसुर चल रही थी वह क्या निर्णय लेना चाहते थे क्या नहीं समझ नहीं आ रहा था तभी कोई व्यक्ति उनके पास आता है और आने के बाद कहता है कि सेटलमेंट कर लो यानी कि जो व्यक्ति अपनी बेटी को देखने के लिए पिछले तीन घंटे से पल-पल तरस रहा है उसके कानों में एक आवाज पहुंचती है कि सेटलमेंट कर लीजिए… पूरी कहानी जानने के लिए नीचे वीडियो पर क्लिक करें